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बाइबल के पद: प्रार्थना

मत्ती 6 प्रार्थना की सच्चाई पर शिक्षा देता है और प्रार्थना का उदाहरण प्रस्तुत करता है। फिलिप्पियों 4 प्रार्थना, धन्यवाद और दैनिक चिंताओं को साथ रखता है।

हिन्दी — इंडियन रिवाइज्ड वर्जन 2019

मत्ती 6:9–13

9 “अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो: ‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। (लूका 11:2)

10 ‘तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।

11 ‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।

12 ‘और जिस प्रकार हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।

13 ‘और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; [क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।’ आमीन।]

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फिलिप्पियों 4:6–7

6 किसी भी बात की चिन्ता मत करो; परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएँ।

7 तब परमेश्वर की शान्ति, जो सारी समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। (यशा. 26:3)

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मनन के लिए प्रश्न

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